प्रवीण जोशी को मातृ शोक

इंदौर। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक प्रवीण जोशी ,अखिलेश और प्रदीप की माता तथा स्व, गणेशराम जोशी की धर्मपत्नी श्रीमती गुलाबबाई का 92 वर्ष की आयु मे श्रीजी शरण हो गया। अंतिम यात्रा निवास 7 आजाद नगर मूसाखेड़ी रोड से निकली और जूनी इंदौर मुक्ति धाम पर अत्येष्टि हुई। । मुखाग्नि तीनों पुत्र ने दी। बड़ी…

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इंदौर के क्लाइमेट एक्शन को महापौर ने दुनिया के सामने पेश किया

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दुबई में आज सीओपी-28 (COP28) के लोकल क्लाइमेट एक्शन समिट (LCAS) में सबनेशनल क्लाइमेट एक्शन लीडर्स एक्सचेंज (SCALE) “जलवायु परिवर्तन के बुरे असर से बचाव के लिए बहुस्तरीय प्रयास” विषय पर आयोजित एक परिचर्चा को संबोधित किया। भार्गव के अनुसार, “चर्चा के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने बहुस्तरीय साझेदारियों और…

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हुकुमचंद मिल मामले में महापौर की पहल, 4 दिसंबर को एमआईसी की बैठक

हुकुमचंद मिल मामले में हाई कोर्ट के आदेश पर सरकार द्वारा बैंक में 425.89 करोड़ की राशि जमा करने के बाद बकाया राशि जल्द मजदूरी को मिल सके इस दिशा में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एक और सराहनीय पहल करते हुए विधान सभा चुनाव के नतीजे आने के तत्काल बाद दूसरे दिन 4 दिसंबर को…

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इंदौर जिले की इस विधानसभा में इतने इतने वोट गिनना है

देपालपुर विधानसभा इंदौर विधानसभा – 1 इंदौर विधानसभा – 2 इंदौर विधानसभा – 3 इंदौर विधानसभा – 4 इंदौर विधानसभा – 5 महू विधानसभा राऊ – विधानसभा सांवेर विधानसभा kampungbet https://ijins.umsida.ac.id/data/

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दुबई में आज होगी इंदौरी मीट

दुबई में आज महापौर पुष्यमित्र भार्गव की पहल पर बने नॉन रेजिडेंट इंदौरी फोरम का एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। यूएई में रहने वाले लगभग 250 इंदौरवासियों के साथ महापौर पुष्यमित्र भार्गव चर्चा करेंगे। दुबई की होटल ताज डाउन टाउन में आज दोपहर 4 बजे होने वाली इंदौरी मीट को लेकर बड़ी तैयारी…

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उत्तम जलवायु एवं भौगोलिक अनुकूलता

व्यापार व्यवसाय के क्षेत्र में उन दिनों होलकर स्टेट को बेहद ही उन्नत क्षेत्र माना जाता था। उत्तम जलवायु, भौगोलिक अनुकूलता, उपजाऊ भूमि और आयकर न होने की वजह से उद्योग व्यवसाय खूब पनपे। तत्कालीन व्यवसाय के युग से ही इंदौर की एक खासियत यह रही कि यहाँ पर भिन्न भिन्न वस्तुओं के लिये अलग…

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विश्व प्रसिद्ध रही कपड़ा मिलें

प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ही इंदौर की कपड़ा मिलों ने राष्ट्रीय उत्पादन में खास योगदान दिया था। युद्धोपरांत कपड़ों की मांग निरंतर बढ़ती जा रही थी। उधर देश में स्वदेशी आंदोलन की प्रष्ठभूमि तैयार हो रही थी। ऐसी स्थितियों में इंदौर में सन् 1916 से 1925 के मध्य एक दशक से भी कम अवधि…

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