मार्ग शीर्ष शुक्ल पूर्णिमा 26 दिसम्बर को मां अन्नपूर्णा जयंती का उत्सव अन्नपूर्णा मंदिर पर धूमधाम से मनाया जाएगा। महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि के सानिध्य में 26 दिसम्बर को सुबह 5 बजे से 7.30 बजे तक अभिषेक एवं सहस्त्रार्चन के पश्चात अन्नपूर्णा भक्त मंडल के तत्वावधान में अभिमंत्रित बरकती सिक्कों का वितरण किया जाएगा। मंदिर के संचालक स्वामी जयेन्द्रानंद गिरि ने बताया कि मां अन्नपूर्णा आश्रम परिवार के विनोद अग्रवाल, गोपालदास मित्तल, श्याम सिंघल ने बताया कि मार्ग शीर्ष शुक्ल पूर्णिमा के दिन मां पार्वती ने अन्नपूर्णा स्वरूप धारण किया था, इसीलिए इस दिन अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है। इस दिन मां अन्नपूर्णा की आराधना करने से घर में अन्न की कोई कमी नहीं रहती और इस दिन अन्न दान की भी विशेष महिमा बताई गई है। अन्नपूर्णा प्राकट्य उत्सव पर विधि-विधान से मां अन्नपूर्णा की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और व्रत रखने से भक्तों के घर अन्न एवं खाने-पीने की वस्तुओं और धन-धान्य की कोई कमी नहीं रहती।
