इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि आज जिस तरह से अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करने गई निगम की टीम को वापस लौटना पड़ा है उससे स्पष्ट हो गया है कि अवैध काम करने वालों ने राजनीतिक दबाव में नगर निगम के हाथ पैर बांध दिए हैं। चौकसे ने अग्रवाल मारवाड़ी नगर में हुए घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हाल ही में राज्य सरकार के द्वारा यह घोषणा की गई थी कि अवैध कालोनी काटने वाले कॉलोनाइजर को रासुका में निरुद्ध किया जाएगा। मेरा कहना है कि यदि राज्य सरकार और जिला प्रशासन इस घोषणा के प्रति गंभीर है तो इस अवैध कॉलोनी को बचाने के लिए मैदान पकड़ने वाली पूर्व मंत्री और विधायक उषा ठाकुर को रासुका में विरुद्ध किया जाना चाहिए। इस अवैध कॉलोनी को काटने वाले कॉलोनाइजर पर भी रासुका की कार्रवाई सबसे पहले की जाना चाहिए। नगर निगम की टीम जिस तरह से मौके से वापस लौटी है वह बेहद शर्मनाक है। इस घटना की जिम्मेदारी इंदौर के जिम्मेदार महापौर पुष्यमित्र भार्गव को लेना चाहिए। भार्गव को शहर की जनता को बताना चाहिए की निगम ने यह कार्रवाई करने का फैसला क्यों लिया और फिर निगम की टीम को वापस क्यों लौटना पड़ा ? इस पूरे घटनाक्रम से नगर निगम की छवि खराब हुई है । इस छवि को बिगड़ने के लिए महापौर भार्गव जिम्मेदार है।
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