इंदौर की गुरदीप कौर वसु भले ही नेत्रों से दिव्यांग हों और बोलने में असमर्थ हो लेकिन उन्होंने वोट डाल कर समाज को बहुत कुछ कह दिया है। उन्होंने मताधिकार का अपना कर्तव्य निभाकर शेष समाज को अपने कर्तव्यों के लिए राह भी दिखाई है।

इंदौर की गुरदीप कौर वसु भले ही नेत्रों से दिव्यांग हों और बोलने में असमर्थ हो लेकिन उन्होंने वोट डाल कर समाज को बहुत कुछ कह दिया है। उन्होंने मताधिकार का अपना कर्तव्य निभाकर शेष समाज को अपने कर्तव्यों के लिए राह भी दिखाई है।
