
दीपोत्सव पर हर शहरवासी अपने-अपने घर-आंगन में दिए जलाकर त्योहार मनाता है। लेकिन शहर की सबसे पुरातन सामाजिक संस्था अभ्यास मंडल का दीपावली मनाने का अंदाज बहुत जुदा होता है। वर्ष भर शहर हित में वैचारिक, सामाजिक, जनजागृति, पर्यावरण संरक्षण जैसे तमाम कार्य करने वाला अभ्यास मंडल दीपावली के तुरंत बाद प्रति वर्ष अपनी सबसे अहम मांग और शहर की सबसे अनमोल विरासत कान्ह-सरस्वती नदी के पुनर्जीवन के लिए संकल्प दीप ले कर अव्यवस्था के अंधकार में खोई नदी को वापस लाने के लिए उसके सुनसान घाट को दीपों से रोशन करते हैं एवं संकल्प लेते हैं। जिस तरह आज इस घाट पर दीये जगमगा रहे हैं उसी तरह कलकलाती नदी भी हमारे इंदौर के घाटों को आबाद करे उसी के तारतम्य में आज कृष्णपुरा छत्री घाट पर अभ्यास मंडल द्वारा दीप महोत्सव 2024 का आयोजन किया गया एवं साथ ही एक प्रस्ताव भी रखा गया जिसकी जानकारी देते हुए अध्यक्ष रामेश्वर गुप्ता सचिव मालासिंह ठाकुर ने बताया की कान्ह सरस्वती नदी पुनर्जीवित सफ़ाई हेतु अभ्यास मंडल इस नदी की उपयोगिता इंदौर शहर को देखते हुए 2008 से इसे पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है जिसमें जग जागरण के लिए श्रमदान, दीप महोत्सव, विभिन्न विशिष्ठ व्यक्ती अधिकारी को पत्र लिखना जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सांसद, महापौर,नगरीय प्रशासन सचिव आदि मुख्य है। कई बार कल कल पानी बहाने की घोषणा करने के बाद,कई करोड़ रुपए खर्च होने के बाद भी कोई विशेष सफलता नहीं मिली है। इसलिए अभ्यास मंडल कई चरण में अभियान चलाएगा अभियान के पहले चरण में महापौर, इंदौर संभाग आयुक्त, जिलाधीश, नगर निगम आयुक्त को सामूहिक मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा।कार्यक्रम में सर्वप्रथम श्री श्याम सुंदर यादव, गौतम कोठरी,ओ. पी.जोशी ने दीप प्रज्वलन कर दीप महोत्सव की शुरूआत की कार्यक्रम में डॉ.पल्लवी आढाव, मेघा बर्वे, वैशाली खरे, दीप्ति गौर स्वप्निल व्यास, पराग जटाले, मुरली खंडेलवाल, नेताजी मोहिते पी.सी.शर्मा, शफी शेख, राजा चौकसे, ओ. पी. श्रीवास्तव, सुशीला यादव, बसन्त सोनी, द्वारका मालवीय, शरद सोमपुरकर, जयंत जटाले, द्वारका मालवीया मौजूद रहे।
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