अपना धर्म हम कर लेंगे, आप तो अपना धर्म निभाओ

-अन्ना दुराई आशय नेताओं को भला बूरा कहने का नहीं, उन्हें सोचने के लिए झकझोरने का है। कुंभ में आस्था की डूबकी का आँकड़ा 60 करोड़ तक पहुँच गया है। एक समय था जब 5-7 करोड़ में ही हिसाब किताब होने लगा था, लेकिन अब गुणा भाग बंद हो गया है। जिसे देखो वो अपनी…

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हर हाल में पिसता और पिटता तो आम आदमी ही है !

-अन्ना दुराई हर हाल में पिसता और पिटता तो आम आदमी ही है, मैं अपनी इन्हीं पंक्तियों को आगे बढ़ा रहा हूँ। कहीं भी कोई ठोक देता है। कहीं भी कोई बजा जाता है। जगह जगह अपमानित होना मेरा धर्म है। दिन भर सभी के सामने गिड़गिड़ाना मेरी नियती है। मैं हूँ आम आदमी। वाकई…

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