बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की वधु एवं 21 वर्ष से कम उम्र के वर का विवाह करना अपराध है। जिसके तहत बाल विवाह करने पर विवाह में सम्मिलित होने वाले एवं सेवा प्रदाताओं को 2 वर्ष की सजा एवं एक लाख रुपये का जुर्माने का प्रावधान है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री सिद्धार्थ जैन ने बताया कि बाल विवाह में सेवा देने वाले सेवा प्रदाताओं जैसे पंडित, मौलवी, प्रिंटिंग, प्रेस, हलवाई केटर्स, धर्मगुरु, बैंडवाला, घोडीवाला, मैरिज गार्डन संचालक एवं समाज के मुखिया का कार्यशाला के माध्यम से संवेदीकरण किया जाना है। बाल विवाह कानून की जागरुकता हेतु सर्विस प्रोवाइडरों की एक दिवसीय कार्यशाला 20 नवम्बर,2024 को दोपहर 12 बजे से 02 बजे तक कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 210 में आयोजित की गयी है।
kampungbet https://ijins.umsida.ac.id/data/ kampungbet https://polreskedirikota.id/