“आनंद सार”, सत्संग और ध्यान श्री गुरू के साथ 17 मार्च को इंदौर में
जय कृपालु, हमारे समस्त प्रयासों का उद्देश्य है आनंद का अनुभव। किन्तु हमें प्राप्ति सदा ऐसे सुखाभास की होती है जिसके योग के साथ वियोग भी निश्चित है।श्री गुरु के साथ जाने ऐसे मार्ग को, जो इन क्षणभंगुर सुखों से विपरीत, शाश्वत सुख की ओर हमें प्रेरित करता है, और साथ ही उस ‘आनंद’ के…
